मंदिर : मिस्र का पुरतान समय में मिली चीजों के रहस्य बड़े गहरे रहते हैं. पुरातत्व विशेषज्ञों को कुछ समय पहले एक सुरंग मिली थी. इस के अध्ययन के बाद दावा किया गया है कि यह बहुत ही विचित्र सुरंग एक ज्यामितीय चमत्कार है. काफी पुरानी सुरंग से मिलती जुलती इस सुरंग से विशेषज्ञ बहुत ही ज्यादा प्रभावित हैं जबकि अभी तक इस सुरंग को बनाने का इरादे का ही पता नहीं चला है
टैपोसिरिस मैग्ना की इस सुरंग की डिजाइन यूपैलिनोस की सुरंग से काफी कुछ मेल खाती है. यूपैलिनोस की सुरंग को 6वीं ईसापूर्व में बनाया गया था जो अपने बेहतरीन इंजिनियरिंग डिजाइन के लिए जानी जाती है.शोधकर्ता कुछ साल पहले क्लेओपैट्रा के मकबरे की तलाश कर रहे थे. उन्होंने एक बहुत ही अद्भुत तरह की सुरंग मिली थी. अब वे मिस्र के तट पर स्थित टैपोसिरिस मैग्ना में मौजूद इस सुरंग को ज्यामितीय चमत्कार बता रहे हैं.
यह अध्ययन सांतो डोमिंगो विश्वविद्यालय के कथलीन मार्टीनेज की अगुआई में हुआ है. यह सुरंग एक मंदिर के नीचे है जो कि तो मीटर ऊंची है लेकिन यह 1305 मीटर लंबी है. यह बलुआ पत्थर में से बनाई गई है और यह ग्रीक द्वीप समोस की मशहूर यूपेलिनोस की सुरंग से मिलती जुलती है.
शोधकर्ता मानते हैं कि टैपोसिरिस मैग्ना सुरंग यूपैनलिनोस की सटीक नकल नहीं है और इसकी अपनी खूबियां हैं. इसके कुछ हिस्से यूपैनलिनोस की सुरंग की तरह ही डूबे हुए हैं. पर सबसे अजीब बात यह है कि शोधकर्ताओं को इसके बनाने के पीछे का मकसद समझ में नहीं आ रहा है. मिस्र के पर्यटन विभाग तक ने माना है कि मिलती जुलती सरंचना होने से ही इसके कार्यों का पता नहीं चलता है.
वहीं क्लोपैट्रा 7वें के मकबरे की 2004 से पड़ताल में जुटे रहने के बाद भी मार्टिनेज का मानना है यह सुरंग एक बहुत बड़ी खोज है. यह मंदिर 230 ईसा पूर्व में बनाया गया था जो क्लोपैट्रा से जुड़े आसोइरिस और आइसिस देवतों को समर्पित है. अभी इस मंदिर को पूरी तरह से नहीं देखा जा सका है. इसका एक हिस्सा भूमध्य सागर में हैं जहां 320 से 1303 ईस्वी के बीच के हिस्से लहरों की वजह से तहस नहस हो गए थे.
